क्या अंतर होता है गुड और खांड और चीनी में

0
935

भारतीय व्यंजन में खाने को मीठा बनाने के लिए एक बड़े पैमाने जिस चीज़ का इस्तेमाल होता है उनमे से एक है चीनी, लेकिन इसके अलावा भी 2 ऐसी चीज़ें हैं काफी बड़े पैमाने पर अब घरो में इस्तेमाल होने लगी है वो है गुड और खांड, लेकिन इन तीनो में अंतर क्या होता है आइये जानते है

वैसे तो तीनो चीज़ें बनती गन्ने के रस से ही है लेकिन इन तीनो को बनाने का तरीका काफी अलग होता है, और इसी तरीके से ये तीन अलग अलग सामान बनते है

चीनी- चीनी बनाने के लिए गन्ने के रस का इस्तेमाल किया जाता है, और रस में कई तरह के केमिकल मिलाये जाते हैं और इसे पानी की तरह साफ़ कर लिया जाता है साफ़ होने के के बाद इस पानी के क्रिस्टल बनाये जाते है, और उन्हें सल्फर और अन्य केमिकल के साथ साफ़ कर लिया जाता है, यही कारण है चीनी मिठास तो देती है लेकिन सेहत पे बुरा असर डाल सकती है

गुड- गुड की बात करें तो घुड भी चीनी की तरह गन्ने के रस से बनता है, लेकिन ये चीनी की तरह उक्सान देह नही होता बल्कि गुड में फायेदे ज्यादा है, गुड बनाने के लिए गनी के रस को सबसे पहले बड़े बड़े चिचले कडाहे में गर्म किया जाता है, उसके बाद उसे तब तक उबलते और चलते रहते है जब तक वो निश्चित गाढेपन तक नही पहुँच जाता है, उसके बाद इस कधाहे को उतार कर रस को ठंडा होने देते है और इसी दौरन गुड जम जाता है और तैयार हो जाता है

खांड- चीनी की भाति, खांड भी गन्ने के रस से ही बनाया जाता है, बस इसे बनाने के लिए प्रक्रिया थोड़ी बदल दी जाती है, जैसे की खांड बनाने के लिए जब गन्ने का रस उबलने लगता है तो ठंडा होने से पहले ही उसमे खाने वाला सोडा मिलाया जाता है, जिससे वि जमता नही बल्कि भुरभूरा हो जाता है, और यही खांड कहलाता है

अब बात करते है शुगर के मरीजों की अगर किसी इंसान को शुगर है या फिर वो मोटापे से जूझ रहा है टी उसे चीनी का सेवन नही करना चाहिए, ये भले ही बने गन्ने के रस होते है लेकिन केमिकल प्रोसेस के बाद इसके हेल्थ बेनीफिट काफी खराब हो जाते है, वाही बात करें गुड और खांड की तो अगर शुगर लेवल हल्का फुल्का बाधा है तो इसका सेवन किया जा सकता है और अगर आदमी मोटापे से झूझ रहा तो आराम से इसे खा सकता है,

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here