बचपन की यादें ताज़ा कर देंगी ये फोटोज

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समय बीतते देर नही लगती है, हमे लगता है की हम बड़े हो जाए तो ज़िन्दगी के असली मज़े है, लेकिन जब एक बार बड़े हो जाते है तो लगता है काश वो बचपन के दिन वापस आजते,लेक्किन आज कल एक और समस्या है, हमारे पास समय ही नही बचा है की हम इस बात पे सोच सकें की कैसे हमारे बीते हुए दिन हुआ करते है, एक बीजी lifestyle ने हमसे इस चीज़ को भी छीन लिया है, लेकिन कोई बात नही हम आप के साथ कुछ ऐसी ही फोटो share करने जा रहे है जिसे देख के आप को आप्नके बीते हुए समय की याद जरुर आजायेगी

याद है वो समय जब भाई बहन मिलकर रजाई और गद्दों का पहाड़ बनाया करते थे और उसपे कूदते थे,

वो बचपना का टेंट वाला गहर कैसे भूल सकते हैं, जो हमारा बनाया पहला घर होता था

आजकल के बच्चे क्या जाने इस बात के बारे में, खेलो भी और सेहत भी बनाओ

ऑनलाइन गेम और इन्टरनेट ने ये आजादी भी हमसे छें ली है लट्टू किसी का भी हो, मज़ा पूरा ग्रुप लेता था

आज के बच्चे मोबाइल गेम में लाखो उड़ा देते है एक हमारा समय था जो 1 रूपये के गुब्बारे में भी खुश हो जाया करते थे

ये हर घर की कहानी हुआ करती थी, मम्मी और दादी में नोक झोक, लेकिन हमे क्या हम तो खेलने में मस्त है

आजकल की पीढ़ी इस सुख के वंचित है, और आकल के दादा को भी ये सुख नही मिल रहा है

कुटाई क्या होती थी कोई हमसे पूछे, घर में दिक्कत हुई तो पापा से कुटाई, स्कूल में दिक्कत हुई तो मास्टर साहब से कुटाई, खाना ना खाओ तो मम्मी की कुटाई

बिजली कटना एक आम बात थी और और बिजली जाने के बाद गली मोहल्ले वाले दोस्तों के साथ टाइम काटना एक अलग सुकून देता था

सर्दिओं में जब केबल कट जाए तो खिड़की में से बहार झांकना और ये सोचना की कब धुप निकले और कब हम बहार जाएँ

उस समय ड्रीम मोटरसाइकिल नही, बल्कि एक खराब टायर होता था

मैंने बोला था न की पोस्ट पढने के बाए बाद बचोपन की याद आजयेगी

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