NMP: आखिर क्यों लगाया है सरकार ने देश की संपत्तियों का बिग बाजार और क्यों किया जा रहा है इसका विरोध!

0
414

सरकार द्वारा नेशनल मॉनिटाइजेशन पाइपलाइन योजना योजना की शुरुवात पर फिर से राजनितिक बब्वाल देखने को मिलने लगे है कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ कई पार्टिया लगातार सरकार की नेशनल मॉनिटाइजेशन पाइपलाइन योजना को गलत बता रहे है वही उनका सीधा आरोप है कि सरकार देश की बरसों में अर्जित संपत्तियों को अपने कुछ खास उद्योगपतियों के हवाले कर मोनोपॉली यानी एकाधिकार को बढ़ावा दिया जा रहा है जो की गलत है

तो चलिए आपको बताते है की आखिर सरकार की पूरी योजना है क्या और इसका विरोध क्यों हो रहा है। साथ ही यह भी कि एयर इंडिया के निजीकरण की सरकारी कोशिशों का क्या नतीजा निकला है, जो की आने वाले समय में देखने को मिलेगा

क्या है योजना?

अगर बात की जाये योजना की तो एक निश्चित समय के लिए किसी परियोजना का राजस्व अधिकार निजी क्षेत्र को देकर उसके बदले में पैसे लेना। इस तरह मिले पैसे को इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में लगाने की योजना, सरकार द्वारा कहा गया है

क्या होता है मोनिटाइजेशन का मतलब?

अगर आपको सरल भषा में बताये तो एकमुश्त पैसे, राजस्व भागीदारी और परिसंपत्ति में निवेश की प्रतिबद्धता के बदले राजस्व अधिकार देना, जैसे की सरकार अपनी संपत्ति एक निश्चित समय के लिए गिरवी रख कर फण्ड जुटाने का है

कौन से प्रोजेक्ट हैं शामिल?

रेलवे स्टेशन, ट्रेन संचालन और पटरियां, पावर ट्रांसमिशन लाइन, 26,700 कि लोमीटर सड़क, टूरसंचार टावर , हाइड्रोइलेक्ट्रिक और सोलर पावर संपत्ति, गैस पाइपलाइन वगैरह। सरकार ने 1,400 कि लोमीटर एनएच का 17,000 करोड़ का मोनिटाइजेशन पहले ही कर रखा है, आने वाले समय में और किया जा सकता है

क्या है चुनौती?

एयर इंडिया और बीपीसीएल के निजीकरण की सुस्त रफ्तार देखते हुए कहा जा सकता है कि निजी निवेश आकर्षित करना उतना भी आसान नहीं। सरकार ने इस दिशा में कोशिशें तो की हैं लेकिन व्यवहार में उसे उतारना चुनौती से कम नहीं।

क्यों है विरोध?

बता दे की कांग्रेस पार्टी का कहना है कि मोदी ने जान-बूझकर एकाधिकार बनाने के लिए ऐसा किया जा रहा है ताकि इसका फायदा केवल 4-5 खास लोगों को होगा। सरकार अर्थव्यवस्था को संभाल नहीं पाई और उसे पता नहीं कि क्या करना चाहिए

source : Navjivanindia.com

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here