12 साल से कोमा में था, जब होश में आया तो हैरान करने वाली सच्चाई आई सामने

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जब इंसान कोमा में रहता है तो वह ज्यादा से ज्यादा 1 से 2 हफ्ते तक जिंदा रहता है अगर इस दौरान उसकी हालत में कोई रिकवरी नहीं होती है तो यह माना जाता है कि वह अब और ज्यादा सरवाइव नहीं कर सकता लेकिन कभी-कभी ऐसा भी देखने को है कि कई लोग महीनों तक कोमा में रहे हैं और उसके बाद सही सलामत ठीक हो करके अपने घर वापस आए हैं लेकिन आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो 1 या 2 महीने नहीं बल्कि पूरे 12 साल तक कोमा में थे और जब वह कोमा से बाहर है उनका क्या एक्सपीरियंस था आज हम आपको इस पोस्ट के जरिए बताने वाले हैं

मार्टिन की उम्र 12 साल थी जब वह कोमा में गए हमेशा की तरह हंसते खेलते हुए वह स्कूल से अपने घर आए लेकिन इस बार उन्होंने अपनी मां से कहा कि गले में उन्हें कुछ दिक्कत है मैंने डॉक्टर को दिखाया कई सारे रिपोर्ट सामने आए लेकिन सभी कुछ नॉर्मल था लेकिन समय के साथ मीटिंग की यह दिक्कत आगे बढ़ती गई

और इस दिक्कत की वजह से मीटिंग का शरीर पहले से कमजोर होने लगा जब डॉक्टर ने इसकी बात का पता लगाया तो उन्हें समझ में आया कि मार्टिन के गले में थोड़ी दिक्कत है लेकिन यह दिक्कत किस वजह से है अभी भी इसका कोई वजह सामने नहीं आई थी

इसके बाद मार्टिन के दिमाग की स्क्रीनिंग की गई जिसमें यह सामने आया कि शायद हो सकता हो प्रेम ट्यूबरकुलोसिस की वजह से इन्हें यह प्रॉब्लम हो रही हो लेकिन इस दिक्कत की वजह से मार्टिन का दिमाग भी धीरे-धीरे कमजोर होने लगा और वह चीजों को बोलना शुरू कर दिए थे

समय बीतता गया और एक समय ऐसा आया जब मार्टिन बेहोश हो गए जब उन्हें वोट नहीं आया 2 से 3 घंटे तक तो उन्हें डॉक्टरों ने कोमा में घोषित कर दिया डॉक्टरों का कहना था कि प्रेम में हुई इस छोटी सी खराबी की वजह से यह कोमा में जा चुके हैं और हो सकता है अगले 24 घंटे तक यह वापस आ जाएं


लेकिन जब 24 घंटा बीत जाता है और उसके बाद इंतजार करते हुए अगले 3 दिन और भी जाते हैं तो डॉक्टरों को कुछ शंका होता है और वह फिर कई सारे टेस्ट करते हैं और उन्हें पता चलता है कि मोटे नबी जिंदा तो हैं पर वह पूरी तरीके से कोमा में जा चुके हैं यह कब तक ठीक होंगे कब तक नहीं इसके बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता था

इस दौरान मार्टिन को खाने में सिर्फ लिक्विड डाइट दी जाती थी और दवाई के तौर पर सप्लीमेंट्स दिए जाते थे जिससे उनका शरीर जरूरी तत्वों को ग्रहण कर सके और शरीर के बाकी औरन ठीक तरीके से काम कर सके

फिर एक रिपोर्ट सामने आती है जिसमें यह बात स्पष्ट होती है कि मार्टिन का शरीर पूरी तरीके से स्वस्थ है दिक्कत उनके दिमाग में है जिसकी वजह से वह कोमा में जा चुके हैं लेकिन यह दिक्कत कितने दिन तक साथ रहने वाली है इसके बारे में किसी को कुछ भी नहीं पता था खैर मोटी ने भी जिंदा थे इस वजह से डॉक्टर उनका इलाज करे जा रहे थे

लेकिन उसके बाद डॉक्टरों ने भी मार्टिन के इलाज करने से अपने हाथ को खड़ा कर लिया लेकिन वहीं पर उनका परिवार सामने आता है और परिवार बोलता है कि जो भी जरूरी इलाज है आप उसे जारी रखिए हम और मोर्तींन घर पर ले जाते हैं


घर पर ले जाने के बाद मीटिंग के माता पिता और उनके भाई बहन उनकी खूब देखरेख करते थे लेकिन उसके बाद भी मार्टिन के शरीर में किसी भी तरीके का कोई भी मुंह में नजर नहीं आता था लेकिन इसी के दौरान लगभग 5 साल तक मार्टिन के परिवार वाले मार्टिन के लिए दुआ करते हैं और उनकी देखरेख करते इस उम्मीद में कि हो सकता है 1 दिन वोटिंग ठीक हो जाए लेकिन यह समय यूं ही बीता जा रहा था

दुआ करते करते लगभग 7 साल बीत चुके और फैमिली का प्रत्येक मेंबर यह भी मान चुका कि शायद अब मोटी कभी ठीक नहीं हो सकते और बस अंतर इतना था कि देखरेख के साथ दुआ में लोग अब यह भी बोल दे कि भगवान वोटिंग को जल्द से जल्द अपने पास बुला ले क्योंकि जो अपनी जिंदगी के आधा हिस्सा बिना अपनी एक उंगली हिलाए जी चुका है वह कितने तकलीफ में होगा हो सकता है उसकी मृत्यु के बाद उसे एक अच्छा शरीर मिले और वह अपनी नई जिंदगी को और अच्छे से जी सके

लेकिन मार्केटिंग की जिंदगी में मोड़ तब आया जब 12 साल पूरा होने के बाद उनकी नर्स ने यह नोटिस किया कि उनके शरीर में थोड़ी-थोड़ी मूवमेंट होना शुरू हो चुकी है जिस चीज को उन्होंने तुरंत जाकर के उनके परिवार वालों को बताया परिवार वालों में मानव खुशी की लहर दौड़ गई हो

मार्टिन की मां और उनके पिता ने बोला कि हमें एक झटके में ऐसा लगा कि जैसे हमारी सारी की सारी दुख और तकलीफ एक सेकंड में ही खत्म हो गई हो हम सभी ने बारी-बारी से मार्टिन को गले लगाया लेकिन एक दिक्कत हमें समझ में और वह यह थी कि मार्टिन अभी भी बोल नहीं पा रहे थे

जिसके बाद तुरंत ही उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में फिर से एडमिट कर दिया गया जहां पर यह पाया गया कि कोमा में जाने के बाद अगले 2 साल बाद ही मार्टिन होश में आ चुके थे पर किन्हीं कारणों की वजह से वह अपने हाथ पैर को नहीं मिला पा रहे थे लेकिन इस समस्या का समाधान पाते हुए कई फिजियोथैरेपिस्ट ने मार्टिन के लिए स्पेशल थेरेपी की जिससे वह बाद में चलने लगे परंतु अभी भी वह बोलने में सक्षम नहीं थे

जिसके बाद उनकी मां ने एक विशेष तरीके का सॉफ्टवेयर बनाया जिस सॉफ्टवेयर को माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने बनाया था वह उनके शरीर और दिमाग की मूवमेंट के हिसाब से एक आर्टिफिशियल आवाज में बात कर सकते थे सॉफ्टवेयर का प्रयोग करते हैं मार्टिन ने बताया कि कोमा में जाने के 2 साल बाद ही उनको होश आ चुका था वह हर चीज को महसूस करते थे हर चीज की गंध उन्हें समझ आती थी उनके पास अगर कोई आता था तो उन्हें यह भी समझ में आता था कि सामने कौन है

इस बीमारी की वजह से वह किसी भी तरीके की प्रक्रिया नहीं दे पाते थे उन्होंने बताया कि उन्हें सारी चीजें सुनाई देती थी उन्हें हर बात समझ में आती थी पर वह ना तो आंख खोल सकते थे ना अपना शरीर दिला सकते थे और ना ही अपने मुंह से कुछ बोल सकते थे वह एक जिंदा लाश की तरह थे उन्हें कुछ भी दिखाई नहीं देता था अगर उनकी आंख खुली भी जाती तो भी उन्हें कुछ दिखता नहीं था उनके ऊपर केवल अंधेरे में कुछ ढूंढते थे मानो ऐसा जैसे वह किसी बुरे सपने में जी रहे हैं

इसके बाद मार्टिन ने बताया कि तमाम कोशिशों के करने के बावजूद वह बोलने या कुछ भी कार्य करने में सक्षम है इन 12 सालों में कोई एक ऐसा दिन नहीं गया जिस दिन उन्होंने बोलने हिलने चलने का कोई प्रयास करना छोड़ा हो वह अपने मन में जोड़ घटाना या बाकी चीजें सोचते रहते थे जिससे कि उन्हें अच्छा महसूस हो और उनका दिमाग लगातार काम करता रहे

मार्टिन ने बताया कि वह कई बार रोते हुए थे पर उनका शरीर उनकी इस प्रतिक्रिया को बाहर जाहिर नहीं होने देता था उन्हें सबसे बुरा तब लगा था जब हम उन्हें अपनी मां को यह कहते सुना था की काश अच्छा होता कि भगवान वोटिंग को इस दुख भरी दुनिया से निजात दिला देता और अपने पास बुला लेता जिसे सुनकर के वोटिंग को काफी बुरा लगा था और वह तकरीबन 2 महीने तक डिप्रेशन में रहे थे

जब चीजें सामान्य होने लगी तो उस समय भी मार्टिन के लिए नार्मल चीजें करना काफी कठिन था उन्हें नहीं पता था कि मोबाइल फोन कैसा होता है उन्हें नहीं पता था इंटरनेट क्या चीज है उन्हें यह भी नहीं पता था कि टेलीविजन में चैनल कैसे बदले जाते हैं क्योंकि उस समय तक ऐसा कुछ भी संसाधन का प्रयोग उन्होंने नहीं किया था स्कूल बदल चुके थे कॉलेज बदल चुके थे यहां तक की सारी दुनिया बदल चुकी थी ठीक होने के बाद में तुरंत कॉलेज में दाखिला लिया और अपनी पढ़ाई को कंप्लीट किया

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